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भारतीय डेयरी उद्योग: एक परिचय

भारत गांवों में बसता है। हमारी 70% से अधिक जनसंख्या ग्रामीण है तथा 60% प्रतिशत लोग कृषि व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। करीब 7 करोड़ कृषक परिवार में प्रत्येक दो ग्रामीण घरों में से एक डेयरी उद्योग से जुड़े हैं।

भारतीय दुग्ध उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार देश में 70% प्रतिशत दूध की आपूर्ति छोटे/सीमांत/भूमिहीन किसानों से होती है। भारत की ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में डेयरी उद्योग की प्रमुख भूमिका है।

देश में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में इसे मान्यता दी गई है। कृषि और डेयरी फार्मिंग के बीच एक परस्पर निर्भरता वाला संबंध है। कृषि उत्पादों से मवेशियों के लिए भोजन और चारा उपलब्ध होता है जबकि मवेशी पोषण सुरक्षा माल उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के दुग्ध उत्पादों - दूध, घी, मक्खन, पनीर, संघनित दूध, दूध का पाउडर, दही आदि का उत्पादन करता है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत का स्थान

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत का अपना विशेष स्थान है और यह विश्व में सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक और दुग्ध उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

संयोग से भारत विश्व में सबसे कम खर्च पर यानी 27 सेंट प्रति लीटर की दर से दूध का उत्पादन करता है (अमरीका में 63 सेंट और जापान में 2.8 डॉलर)।

यदि वर्तमान रूझान जारी रहता है तो मिनरल वाटर उद्योग की तरह दुग्ध प्रोसेसिंग उद्योग में भी बहुत तेजी से विकास होने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। अगले 10 वर्षों में तिगुनी वृद्धि के साथ भारत विश्व में दुग्ध उत्पादों को तैयार करने वाला अग्रणी देश बन जाएगा।

रोजगार की संभावनाएं

इस उद्योग के तहत सरकारी और गैर-सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) विभिन्न स्थानों पर स्थित इस क्षेत्र का प्रमुख सार्वजनिक प्रतिष्ठान है, जो कि किसानों के नेतृत्व वाले व्यावसायिक कृषि संबंधी कार्यों में संलग्न है।

देश में अब 400 से अधिक डेयरी संयंत्र हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाते हैं। उन्हें संयंत्रों के दक्षतापूर्ण संचालन के वास्ते सुयोग्य और सुप्रशिक्षित कार्मिकों की आवश्यकता होती है।

रोजगार के क्षेत्र:

  • डेयरी संयंत्र प्रबंधन
  • पशु चिकित्सा सेवाएं
  • चारा उत्पादन एवं आपूर्ति
  • दुग्ध परीक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण
  • डेयरी उत्पाद विपणन
  • प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम

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